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बढ़ी हुई प्रोस्टेट की समस्या का आयुर्वेद में है स्थायी समाधान ।


पौरुष ग्रंथि वृद्धि (बढ़ी हुई प्रोस्टेट की समस्या) !

प्रत्येक पुरुष के प्रोस्टेट नाम की ग्रंथि मौजूद होती है, यह पुरुष के प्रजनन तंत्र का सबसे महत्त्वपूर्ण हिस्सा होती है । यह अखरोट के आकर की एक ग्रंथि होती है । यह ग्रंथि पुरुष की गुदा के अंदर सामने की तरफ व पेशाब की थैली (यूरिनरी ब्लैडर) के ठीक नीचे होती है, इसके चारों तरफ पेशाब की नली होती है । इसी नली के माध्यम से पेशाब यूरिनरी ब्लैडर से होती हुई पुरुष के लिंग के सिरे से शारीर के बाहर आती है । प्रोस्टेट से एक चिपचिपा, पतला व दुग्ध के समान स्राव निकलता है जो शारीर के शुक्राणु (स्पर्म) का पोषण करता है व पेशाब की नली को चिकना बनाए रखता है ।

आयुर्वेद की भाषा में कहें तो प्रोस्टेट से निकलने वाला स्राव शुक्र धातु के प्रवाह को बनाए रखता है ।

 

प्रोस्टेट से prostate specific antigen (PSA ) तथा prostatic acid phosphate उत्पन्न होता है ।

 

सामान्यतः पुरुषों में प्रोस्टेट के बढ़ने की समस्या 40 वर्ष की उम्र के बाद अधिक होती है । प्रोस्टेट के बढ़ने की इस समस्या को बिनाइन प्रोस्टेटिक हाइपरप्लाजिया (बी.पी.एच) कहते हैं ।

 

प्रोस्टेट बढ़ने के कारण:

 यह अखरोट के आकर की एक ग्रंथि होती है । यह ग्रंथि पुरुष की गुदा के अंदर सामने की तरफ व पेशाब की थैली (यूरिनरी ब्लैडर) के ठीक नीचे होती है, इसके चारों तरफ पेशाब की नली होती है । प्रोस्टेट बढ़ने की शुरुआती अवस्था में पेशाब की थैली की मांसपेशियां मोटी हो जाती हैं जिसके कारण पेशाब की नली पर दबाव पड़ता है व उसका रास्ता छोटा होने लगता है, इसके कारण पेशाब की थैली की मांसपेशियों अधिक संवेदनशील हो जाती है जिसके कारण बार-बार या अचानक से पेशाब होने जैसा महसूस होने लगता है ।

प्रोस्टेट बढ़ने के कुछ अन्य कारण: 

बैक्टीरियल संक्रमण, हार्मोनल परिवर्तन, उम्र बढ़ना, शारीरिक व मानसिक परेशानियां, आनुवांशिक कारण, गलत खान-पान, दर्द को कम करने वाली दवाओं का अधिक सेवन, मोटापा आदि कारण प्रमुख हैं।

प्रोस्टेट बढ़ने के आयुर्वेद सम्मत कारण: 

शारीर में मौजूद प्राकृतिक वात विभिन्न कारणों के कारण दूषित हो जाती है जिसके कारण यह दूषित वात मुख्यतः अपान वात (वात का एक प्रकार) दूषित हो जाती है ।

यह वात प्रायः इन कारणों से दूषित होती है :

पेशाब के वेग को देर तक रोके रखना, मल के वेग को देर तक रोके रखना, अधिक सेक्स सम्बन्धी गतिविधियाँ करना, अधिक मात्रा में रूखे खान - पान का सेवन करना, अधिक मात्रा में ठंडी चीज़ों का सेवन या बहुत कम मात्रा में खाना खाना, बढ़ती हुई उम्र, पाचन की समस्या आदि कारणों से प्रोस्टेट की समस्या हो सकती है ।

 

To read in English about enlarged prostate click on this link : https://goo.gl/HdulS9

 

प्रोस्टेट बढ़ने पर यह लक्षण या परेशानियां आपको हो सकती हैं :

  • पेशाब करने में कठनाई ।
  • रात के समय में अधिक मात्रा में बार-बार पेशाब होना ।
  • पेशाब की धार या वेग का कमजोर हो जाना ।
  • मूत्र मार्ग में संक्रमण (इन्फेक्शन) होना ।
  • पेशाब करते समय दर्द या जलन होना ।
  • पेशाब के साथ रक्त (खून) का आना ।
  • पेशाब को रोक कर रख पाने में असमर्थता (अपने - आप पेशाब हो जाना ) ।
  • पेशाब करते समय दबाव या भारीपन महसूस होना ।
  • पूरी तरह से पेशाब की थैली का खली हुआ महसूस न होना (पेशाब करने के बाद भी ऐसा महसूस होना की अभी पेशाब पूरी तरह से नहीं हुई है )।
  • बूँद-बूँद कर पेशाब का होना (मुख्य रूप से एक बार पेशाब कर लेने के बाद) ।
  • पेशाब की थैली की पथरी : प्रोस्टेट बढ़ने के कारण पेशाब प्रायः पेशाब की थैली में रुकने लगती है जिसके कारण पेशाब की थैली की पथरी होने की सम्भावना अधिक हो जाती है क्योंकि पेशाब की थैली में रह जाने वाली पेशाब गाढ़ी हो जाती है जिसके भरी कण पथरी का आकार ले सकते हैं  । मूत्राशय की पथरी के कारण बहुत अधिक दर्द हो सकता है व इसके अतिरिक्त मूत्र सम्बन्धी अन्य लक्षण भी उत्पन्न हो सकते हैं ।

 

प्रोस्टेट बढ़ने पर आहार और जीवन शैली में परिवर्तन:

  • शाम को 6 बजे के बाद बहुत ही कम मात्रा में तरल पदार्थ व पानी का सेवन करें इससे रात में अधिक मात्रा में होने वाली पेशाब में कमी आएगी ।
  • 24 घंटे में लगभग 2 लीटर ( 6 - 8 गिलास ) पानी पियें ।
  • शराब, तम्बाकू, चाय, कॉफ़ी का सेवन बंद करें क्योंकि इनके सेवन से शरीर में वात (रूक्षता) बढ़ती है ।
  • अधिक मात्रा में सब्जियों का सेवन करें, विटामिन सी, जिंक, ओमेगा - 3 व बीटा कैरोटीन से भरपूर फल व सब्जियों का अधिक सेवन बढ़ी हुई प्रोस्टेट की समस्या में लाभदायक होता है ।
  • लगातार सक्रिय बने रहें (लम्बे समय तक आराम न करें ) । शारीर की निष्क्रियता व ठन्डे मौसम में पेशाब के रुकने की समस्या और बढ़ सकती है ।  शरीर को गर्म बनाए रखें व नियमित व्यायाम करें ।
  • आयुर्वेद के अनुरूप आपका खान-पान : प्रोस्टेट की वृद्धि सामान्यतः वात दोष के विकृत होने के कारण होती है, इसलिए इस समस्या में वात को बढ़ाने वाले आहार-विहार नहीं लेना चाहिए । रूखा, ठंडा, तीखा, कषैला भोजन वात को बढ़ाने वाला होता है । इस समस्या में ऐसा भोजन लेना चाहिए जो वात को कम करता हो, मीठा, खट्टा, लवण युक्त व गर्म आहार का सेवन करना चाहिए । टमाटर, गेंहू, दूध, खट्टे फल का सेवन करना लाभदायक होता है, तली-भुनी चीज़ें, फलियां, सेव, रूखे खान - पान को नहीं लेना चाहिए ।

 

बढ़ी हुई प्रोस्टेट की घर में देखभाल:

जब भी आपको पेशाब का वेग आये तो उसे कभी भी रोकें नहीं । वेग महसूस होने पर जितना जल्दी हो सके पेशाब करें । इससे आपको इस समस्या में थोड़ा लाभ मिलेगा ।

 

प्रोस्टेट समस्या का निदान (डायग्नोसिस):

इस समस्या का सही निदान रोगी की शारीरिक जाँच से, रोग से जुड़ी सभी जानकारियों व लक्षणों के आधार किया जा सकता है ।

PSA test , Uriflowmetry , Ultrasound with post-void Residue (PVR) इन जांचों के माध्यम से भी रोग की गम्भीरता व स्थिति का सही आंकलन किया जा सकता है।

 

प्रोस्टेट मसाज (मालिश):

यह एक बहुत ही कारगर व प्रभावी तकनीक है जिसके माध्यम से बढ़ी हुई प्रोस्टेट की समस्या में लाभ मिल सकता है ।

प्रोस्टेट मसाज कैसे कार्य करती है ?

प्रोस्टेट मसाज के माध्यम से पेशाब के वेग को बढ़ाया जा सकता है, प्रोस्टेट के खून के संचार को बढ़ाया जा सकता है । प्रोस्टेट मसाज के प्रयोग से प्रोस्टेट अपने सामान्य आकर में आ जाती है । कुशल चिकित्सक की देखरेख में प्रोस्टेट मसाज कराने से प्रोस्टेट का संचार बढ़ता है जिससे उसमें रुके हुए हॉर्मोन्स आदि विकारों का स्राव ठीक तरह से होने लगता है, रुके हुए मार्ग खुलते है व प्रोस्टेट की सूजन व उसके बढ़े हुए आकर में धीरे-धीरे कमी आकर वह सामान्य अवस्था में आ जाती है ।

बढ़ी हुई प्रोस्टेट का मुख्य उपचार उसके बढ़े हुए आकर में कमी व प्रोस्टेट के संचार को बढ़ाकर उसमें रुके हुए दूषित विकारों को बाहर निकलना है । प्रोस्टेट के कैंसर में भी यही प्रकिया अपनाई जाती है ।

 

ब्रह्म आयुर्वेद में बढ़े हुए प्रोस्टेट के इलाज के लिए एक व्यवस्थित उपचार अपनाया जाता है । हमारे यहाँ इस समस्या में आयुर्वेद की दवायें, प्रोस्टेट मालिश और उचित आहार प्रबंधन के द्वारा उपचार किया जाता है ।

 

यदि आपको या आपके परिवार में किसी को यह समस्या है तो आप उपरोक्त उपचार को अपनाकर महंगी सर्जरी से बच सकते हैं, इसके साथ-साथ बढ़ी हुई प्रोस्टेट की सर्जरी करना भी इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं है क्योंकि सर्जरी के कुछ समय के बाद यह समस्या दोबारा हो सकती है और बार-बार सर्जरी कराने से प्रोस्टेट का कैंसर होने का खतरा भी बढ़ जाता है।

 

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अवश्य पढ़ें यह लिंक: बढ़ी हुई प्रोस्टेट का आयुर्वेद में है स्थायी समाधान ! किसी भी तरह के ऑपरेशन को कराने की जरुरत नहीं https://goo.gl/9yuQ40

 

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